लखनऊ: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के ‘चवन्नी को रुपया’ वाले बयान पर उत्तर प्रदेश की सियासत में विवाद बढ़ता जा रहा है। अब यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश ने राष्ट्रीय लोक दल (RLD) प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी का अपमान किया है और उन्हें तुरंत माफी मांगनी चाहिए।
केशव प्रसाद मौर्य ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि सैफई परिवार पर चौधरी चरण सिंह के कई एहसान हैं, जिन्हें समाजवादी पार्टी कभी चुका नहीं सकती।
‘जयंत चौधरी से तुरंत माफी मांगें’
डिप्टी सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर अखिलेश यादव के बयान पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि अखिलेश यादव की राजनीतिक बेचैनी इस स्तर तक पहुंच गई है कि वे अपने बयानों से अगड़ा, पिछड़ा और दलित—किसी को भी निशाना बना रहे हैं।
केशव मौर्य ने कहा कि केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के खिलाफ कथित तौर पर घटिया बयान देकर अखिलेश यादव ने अपनी इसी राजनीतिक बेचैनी को जाहिर किया है। उन्होंने सपा प्रमुख से जयंत चौधरी से तत्काल माफी मांगने की मांग की।
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न चौधरी चरण सिंह का सैफई परिवार पर इतना कर्ज है कि समाजवादी पार्टी उसे चुका नहीं सकती।
‘अगड़ा-पिछड़ा-दलित की त्रिवेणी BJP के साथ’
केशव प्रसाद मौर्य ने अपने बयान में बीजेपी के सामाजिक समीकरण का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में अगड़ा, पिछड़ा और दलित वर्ग बीजेपी के साथ है।
डिप्टी सीएम ने कहा कि यही वजह है कि समाजवादी पार्टी में बेचैनी दिखाई दे रही है। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में यूपी की जनता जातिवाद और मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति में डूबी सपा को सत्ता से बाहर कर देगी।
उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में जनता समाजवादी पार्टी का ‘बोरिया-बिस्तर समेट’ देगी।
मायावती भी मांग चुकी हैं माफी
इस विवाद में इससे पहले बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती भी अखिलेश यादव के बयान पर आपत्ति जता चुकी हैं।
मायावती ने अखिलेश के ‘चवन्नी को रुपया बना दिया’ वाले बयान को जाट समाज का अपमान बताया था। उन्होंने कहा था कि सपा प्रमुख को इस टिप्पणी के लिए पूरे जाट समाज से माफी मांगनी चाहिए।
मायावती ने अखिलेश यादव के बयान को अहंकारी और अलोकतांत्रिक बताते हुए उनकी आलोचना की थी।
2027 से पहले तेज हुई बयानबाजी
अखिलेश यादव के बयान के बाद RLD प्रमुख जयंत चौधरी, मायावती और अब केशव प्रसाद मौर्य की प्रतिक्रिया सामने आ चुकी है। ऐसे में ‘चवन्नी’ वाले बयान ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले जातीय समीकरण, गठबंधन और पुराने राजनीतिक रिश्तों को लेकर नेताओं के बीच बयानबाजी तेज होती जा रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और राजनीतिक रंग ले सकता है।



