जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर के रामपुर कंवरपुरा गांव के उस सरकारी स्कूल को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है, जो अब तक एक तबेले में संचालित हो रहा था। स्कूल को फिलहाल पास के ही एक दूसरे मकान में शिफ्ट कर दिया गया है। जब तक स्कूल के लिए नया भवन तैयार नहीं हो जाता, तब तक बच्चों की पढ़ाई इसी वैकल्पिक जगह पर होगी।
दरअसल, स्कूल का पुराना भवन जर्जर हालत में था और उसे सील कर दिया गया था। इसके बाद स्कूल को एक ऐसे परिसर में चलाया जा रहा था, जहां पहले गाय-भैंस रखे जाते थे। इसी जगह पर चारा भी रखा हुआ था। स्कूल की स्थिति को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और कांग्रेस ने सवाल उठाए थे।
CJP के स्कूल ठीक करो अभियान के दौरान हुआ था विवाद
शुक्रवार को CJP नेता आशुतोष रांका और उनके समर्थक ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत रामपुर कंवरपुरा गांव के सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे थे।
स्कूल की हालत देखकर CJP नेताओं ने व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने उनका विरोध किया। आरोप है कि मौके पर पथराव भी हुआ, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
आशुतोष रांका ने आरोप लगाया था कि बीजेपी से जुड़े लोगों ने उनके और CJP कार्यकर्ताओं पर हमला किया। हालांकि, घटना को लेकर अलग-अलग पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
शिक्षा मंत्री को 48 घंटे का अल्टीमेटम
घटना के बाद आशुतोष रांका ने राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर भी निशाना साधा। उन्होंने सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए CJP कार्यकर्ताओं पर कथित हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
रांका ने शिक्षा व्यवस्था और सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर सरकार से जवाब मांगा था।
कांग्रेस ने भी सरकार को घेरा
स्कूल की स्थिति को लेकर कांग्रेस ने भी राजस्थान सरकार पर हमला बोला। कांग्रेस नेता टीकाराम जूली समेत अन्य नेताओं ने सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाया।
कांग्रेस नेताओं ने सवाल किया कि यदि ग्रामीण इलाकों में स्कूलों के पास पर्याप्त भवन और सुविधाएं नहीं हैं, तो बच्चों की पढ़ाई किस तरह बेहतर तरीके से हो सकती है।
विधायक रविंद्र भाटी ने भी स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक के मुद्दे पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में भी ऐसा स्कूल है, जहां पक्का भवन नहीं है।
अब नए भवन का इंतजार
फिलहाल स्कूल को दूसरे मकान में शिफ्ट किए जाने के बाद बच्चों की पढ़ाई जारी रखने की व्यवस्था की गई है। अब नजर इस बात पर है कि स्कूल के लिए स्थायी भवन कब तक तैयार होता है।
तबेले में स्कूल चलने की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद जिस मुद्दे ने राजनीतिक बहस को जन्म दिया था, उस पर फिलहाल प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था कर दी है। हालांकि, स्थायी समाधान के लिए नए स्कूल भवन का निर्माण होना अभी बाकी है।



