उन्नाव: उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह राष्ट्रगान के दौरान कार्यक्रम स्थल से जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। मामला शनिवार को उन्नाव में आयोजित उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के 46वें प्रांतीय अधिवेशन से जुड़ा बताया जा रहा है।
वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस समेत कई लोगों ने राष्ट्रगान के सम्मान और संवैधानिक पद की गरिमा को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि, कार्यक्रम के आयोजक वेणु रंजन भदौरिया ने इन आरोपों पर सफाई देते हुए कहा है कि जिस स्थान पर सतीश महाना मौजूद थे, वहां राष्ट्रगान नहीं बज रहा था।
वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और वीडियो में कार्यक्रम का पूरा क्रम भी स्पष्ट नहीं दिखाई देता।
क्या दिख रहा है वायरल वीडियो में?
सतीश महाना शनिवार को उन्नाव के पूरन नगर स्थित एसवीएम इंटर कॉलेज के आस्था सभागार में आयोजित उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के 46वें प्रांतीय सम्मेलन और शैक्षिक संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे थे।
कार्यक्रम से पहले पुलिस की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद सामने आए वीडियो में राष्ट्रगान बजता हुआ सुनाई देता है। इसी दौरान महाना मंच से पीछे की तरफ उतरते दिखाई देते हैं।
वीडियो में वह अपने कान के पास कुछ ठीक करते हुए भी नजर आते हैं। इसके बाद कुछ समर्थक उनके पास पहुंचते हैं और वह अपनी गाड़ी से कार्यक्रम स्थल से रवाना हो जाते हैं।
हालांकि, वीडियो में यह स्पष्ट नहीं है कि राष्ट्रगान वास्तव में कब और किस स्थान पर शुरू हुआ था। इसलिए केवल वायरल वीडियो के आधार पर घटना की पूरी परिस्थितियों की पुष्टि नहीं की जा सकती।
आयोजक ने क्या सफाई दी?
कार्यक्रम आयोजक वेणु रंजन भदौरिया ने दावा किया कि जिस जगह विधानसभा अध्यक्ष को गार्ड ऑफ ऑनर दिया जा रहा था, वहां राष्ट्रगान नहीं बज रहा था।
उनके मुताबिक, राष्ट्रगान कार्यक्रम स्थल के दूसरे हिस्से में बज रहा था और उसकी आवाज उस स्थान तक आ रही थी जहां सतीश महाना मौजूद थे। आयोजक ने वायरल वीडियो के आधार पर लगाए जा रहे आरोपों को इसी वजह से अलग संदर्भ में देखने की बात कही है।
कांग्रेस ने उठाए राष्ट्रगान के सम्मान पर सवाल
वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस नेता दिनेश शुक्ला समेत कई लोगों ने इस पर आपत्ति जताई। आरोप लगाया गया कि विधानसभा अध्यक्ष ने गार्ड ऑफ ऑनर का प्रोटोकॉल तो लिया, लेकिन राष्ट्रगान के दौरान वहां से चले गए।
सोशल मीडिया पर भी इस वीडियो को लेकर बहस छिड़ी हुई है। कुछ लोगों ने संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से राष्ट्रगान के दौरान निर्धारित मर्यादा का पालन करने की अपेक्षा जताई है।
हालांकि, आयोजक के बयान और वायरल वीडियो के बीच सामने आए अंतर के कारण घटना की वास्तविक स्थिति को लेकर अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है।
कार्यक्रम में शिक्षा पर दिया जोर
विवाद के बीच कार्यक्रम में सतीश महाना ने शिक्षा व्यवस्था और शिक्षण संस्थानों की भूमिका पर भी बात की। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थान राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं।
महाना ने प्रधानाचार्यों और शिक्षाविदों से स्वप्रेरणा के साथ काम करने और अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब देश के संस्थान मजबूत होंगे, तभी देश भी मजबूत होगा।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ‘शिक्षा प्रभा’ पुस्तक का विमोचन भी किया और कई प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया।
शिक्षकों की समस्याओं पर मानसून सत्र में चर्चा का आश्वासन
सतीश महाना ने कहा कि शिक्षकों से जुड़ी समस्याओं को आगामी विधानसभा के मानसून सत्र में उठाया जाएगा। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक मुद्दों पर चर्चा का भरोसा दिया।
कार्यक्रम के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन और राम मंदिर निर्माण के लिए मिले सहयोग का भी जिक्र किया।
फिलहाल राष्ट्रगान के दौरान सतीश महाना के कार्यक्रम स्थल से जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। घटना को लेकर आयोजकों की सफाई सामने आ चुकी है, जबकि पूरे घटनाक्रम की स्पष्टता के लिए सतीश महाना या उनके कार्यालय की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।



