जमुई में छात्रा के साथ हुए अमानवीय दुर्व्यवहार के खिलाफ आज 22 सितंबर को महिला छात्रावास के सामने आइसा ने बिहार के मुख्यमंत्री का पुतला फूंका और उसके बाद प्रतिरोध सभा का आयोजन किया।
सोनाली ने कहा जमुई की घटना पूरे बिहार को शर्मसार करने वाली है। एक छात्रा के साथ जिस तरह का सलूक किया गया, वो बताता है कि बिहार में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है। हम इस घटना की कड़ी निंदा करते हैं।
साक्षी ने कहा कि बेटी बचाओ का नारा देने वाली सरकार में बेटियां ही सुरक्षित नहीं हैं। जमुई की पीड़िता हमारी बहन है, और हम उसके न्याय के लिए सड़क से लेकर कैंपस तक लड़ेंगे। प्रशासन आरोपियों को बचाने की कोशिश बंद करे।
आइसा उत्तर प्रदेश अध्यक्ष कॉमरेड मनीष ने कहा कि सम्राट चौधरी सरकार का असली चेहरा जमुई की घटना से सामने आ गया है। अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं और सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। आइसा की मांग है कि पीड़िता को न्याय, सुरक्षा और मुआवजा मिले और सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो आइसा पूरे उत्तर प्रदेश में बड़ा आंदोलन खड़ा करेगा।
प्रतिरोध सभा में सौम्या , मानवी, ज्योति, कीर्ति, ममता, रोशनी, अभिषेक, सतीश, आशीष, आदर्श, मंटू, सुजीत, वंदना, तनु, मुरली समेत तमाम छात्र मौजूद रहे।



