झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर विवाद और बढ़ गया है। पुलिस ने आंदोलन से जुड़े 900 से ज्यादा लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इनमें 14 लोग नामजद हैं।
शनिवार, 22 अगस्त की देर शाम रांची के कोतवाली और लोअर बाजार थाने में मामले दर्ज किए गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर सरकारी काम में बाधा डालने, गैरकानूनी जमावड़ा, महिलाओं के साथ हिंसा, हत्या के प्रयास, शांति भंग करने और सरकारी आदेश की अवहेलना जैसी धाराओं में केस दर्ज किया है।
22 परीक्षाओं के रद्द होने के बाद स्थगित हुआ था आंदोलन
दरअसल, 18 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने JPSC और JSSC समेत कुल 22 परीक्षाओं और उनके परिणामों को रद्द करने की घोषणा की थी। सरकार के इस फैसले के बाद छात्रों ने अपना आंदोलन अगले 60 दिनों के लिए स्थगित कर दिया था।
लेकिन इसके बाद JPSC 2011-2013 की परीक्षा पास कर विभिन्न पदों पर कार्यरत अभ्यर्थियों ने सरकार के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दे दी।
हाईकोर्ट की रोक के बाद फिर भड़का आंदोलन
हाईकोर्ट ने 19 अगस्त को JPSC और 20 अगस्त को JSSC को रद्द करने के फैसले पर रोक लगा दी। अदालत के इस आदेश के बाद छात्रों में नाराजगी बढ़ गई।
आंदोलन स्थगित करने की घोषणा कर चुके छात्रों ने इसके बाद 21 अगस्त को राज्यभर में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले जलाने का ऐलान किया।
इसी क्रम में रांची, हजारीबाग और गिरिडीह में पुतला दहन करने पहुंचे छात्रों की पुलिस और सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कार्यकर्ताओं के साथ झड़प हो गई।
JMM का आरोप- बीजेपी छात्रों को आगे कर रही राजनीति
छात्र आंदोलन को लेकर सत्ताधारी JMM और बीजेपी के बीच भी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है। JMM का आरोप है कि बीजेपी छात्रों को आगे करके राजनीतिक आंदोलन चला रही है।
JMM के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने आरोप लगाया कि बीजेपी कथित तौर पर कोचिंग माफियाओं के साथ मिलकर राज्य के युवाओं को भड़काने का काम कर रही है।
चंपाई सोरेन बोले- डंडे के दम पर आंदोलन दबा रही सरकार
वहीं, बीजेपी नेता और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा है। उनका आरोप है कि सरकार पुलिस और बल प्रयोग के जरिए छात्रों के आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है।
छात्रों के खिलाफ बड़ी संख्या में FIR दर्ज होने के बाद JPSC-JSSC विवाद अब केवल परीक्षा और नियुक्तियों तक सीमित नहीं रह गया है। सरकार, विपक्ष और छात्र संगठनों के बीच टकराव बढ़ने से झारखंड में इस मुद्दे पर सियासी तापमान भी बढ़ गया है।



