समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को खंगार समाज के लोगों से मुलाकात की। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने अर्कवंशी और खंगार समाज की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर 2027 में सपा की सरकार बनती है तो तीन महीने के भीतर जातीय जनगणना कराई जाएगी।
अखिलेश ने कहा कि जातीय जनगणना के आधार पर आबादी के हिसाब से सभी समाजों को उनका अधिकार और प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि खंगार और अर्कवंशी समाज को सरकार में उचित प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।
लखनऊ में लगेगी महाराजा खंगार की प्रतिमा
सपा प्रमुख ने खंगार समाज के सम्मान से जुड़ा बड़ा ऐलान भी किया। उन्होंने कहा कि लखनऊ की किसी प्रतिष्ठित जगह पर महाराजा खंगार की प्रतिमा लगाई जाएगी। उनके मुताबिक यह प्रतिमा अष्टधातु की होगी।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार के समय महाराजा खेर सिंह खंगार की प्रतिमा लगाई गई थी, लेकिन भ्रष्टाचार के कारण वह टूट गई। उन्होंने कहा कि अर्कवंशी और खंगार समाज के लोगों के साथ लगातार धोखा हुआ है।
महिलाओं को 40 हजार रुपये देने का वादा फिर दोहराया
अखिलेश यादव ने महिलाओं को 40 हजार रुपये देने के अपने वादे को एक बार फिर दोहराया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महिलाओं को 40 हजार रुपये दिए जाएंगे।
सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में महिलाओं को कुछ नहीं मिला, इसलिए उनकी सरकार महिलाओं को ब्याज के तौर पर 40 हजार रुपये देगी। उन्होंने कन्या विद्या धन समेत अन्य राहत योजनाएं शुरू करने की भी बात कही।
एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने प्रदेश में सड़कों और एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता को लेकर भी बीजेपी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और कानपुर एक्सप्रेसवे का जिक्र करते हुए निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि सरकार जिस ‘स्पेस टेक्नोलॉजी’ की बात करती है, वह आखिर कहां है, जब प्रदेश में सड़कें और एक्सप्रेसवे लगातार खराब हो रहे हैं। अखिलेश ने सड़क निर्माण में इस्तेमाल की जा रही तकनीक और डिजाइन पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद PWD के कामों का ऑडिट कराया जाएगा। इसके जरिए यह पता लगाया जाएगा कि सरकारी परियोजनाओं में कितना पैसा खर्च हुआ और किसने कितना पैसा कमाया।
JPNIC को लेकर बीजेपी सरकार पर हमला
सपा अध्यक्ष ने लखनऊ स्थित जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर यानी JPNIC को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने JPNIC को बेच दिया और ठेकेदार को भुगतान कर दिया।
उन्होंने कहा कि JPNIC का निर्माण करने वाले इंजीनियर को दिल्ली में रेलवे स्टेशन बनाने का करीब 3 हजार करोड़ रुपये का काम दिया गया। अखिलेश ने सवाल किया कि जब JPNIC जैसी महत्वपूर्ण परियोजना तैयार की गई थी तो उसे बेचने की जरूरत क्यों पड़ी।
उन्होंने छतर मंजिल, कन्नौज के मिल्क प्लांट समेत प्रदेश की अन्य संपत्तियों का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि सरकार सार्वजनिक संपत्तियों को बेच रही है।
कानून-व्यवस्था को लेकर योगी सरकार पर निशाना
अखिलेश यादव ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी योगी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पुलिस के कामकाज को लेकर जनता के बीच सवाल उठ रहे हैं। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि पुलिस पर राजनीतिक दबाव है।
उन्होंने हरियाणवी कलाकार अंकित बालियान हत्याकांड का जिक्र करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है। अखिलेश ने कहा कि सरकार को पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की दिशा में कार्रवाई करनी चाहिए।
दिग्विजय भाटी के मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अगर उनके साथ गलत हुआ है तो संबंधित IPS अधिकारी के खिलाफ FIR दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि PDA से जुड़े लोगों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
गोमती नदी और अकबर नगर के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने गोमती नदी की सफाई और अकबर नगर के विस्थापन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि अखबारों में गोमती नदी की सफाई को लेकर खबरें आती रहती हैं, लेकिन सरकार को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि नदी और उसके आसपास के विकास को लेकर उसकी वास्तविक योजना क्या है।
अकबर नगर का जिक्र करते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने लोगों को वहां से हटाया और कई वादे किए थे। अब सरकार को बताना चाहिए कि उन वादों का क्या हुआ।
अखिलेश यादव के इन बयानों को 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। जातीय जनगणना, सामाजिक प्रतिनिधित्व, महिला योजनाओं और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों के जरिए सपा अध्यक्ष एक बार फिर बीजेपी सरकार को घेरते नजर आए।



