उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। संगठन को चुनावी मोड में लाने और जमीनी स्तर पर रणनीति तैयार करने के लिए सोमवार (31 अगस्त) को राजधानी लखनऊ में बीजेपी की बड़ी कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इस कार्यशाला में पार्टी की नवनियुक्त राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी भी शामिल होंगी।
कार्यशाला में प्रदेशभर से करीब 700 पार्टी पदाधिकारियों के पहुंचने की उम्मीद है। बीजेपी की नई टीम के गठन के बाद इसे संगठन के स्तर पर अहम बैठक माना जा रहा है। माना जा रहा है कि बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति और संगठन को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा होगी।
हर जिले से पांच पदाधिकारी होंगे शामिल
बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, कार्यशाला में प्रदेश के सभी जिलों से पांच-पांच पदाधिकारियों को बुलाया गया है। इनमें जिलाध्यक्षों के अलावा सभी मोर्चों के अध्यक्ष भी शामिल होंगे। इसके साथ ही प्रत्येक जिले से एक विधायक और एक सांसद को भी कार्यशाला में आमंत्रित किया गया है।
कार्यशाला में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह भी मौजूद रहेंगे। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में संगठन की मौजूदा स्थिति और आगामी चुनाव के लिए जमीनी स्तर पर तैयारियों को लेकर मंथन होने की संभावना है।
राष्ट्रीय महामंत्री बनने के बाद पहली बार लखनऊ पहुंचे हरीश द्विवेदी
इससे एक दिन पहले रविवार को बीजेपी के नवनियुक्त राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी पहली बार पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पहुंचे। राष्ट्रीय महामंत्री बनने के बाद यह उनका पहला लखनऊ दौरा था। प्रदेश मुख्यालय पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया।
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने माला पहनाकर हरीश द्विवेदी का अभिनंदन किया। इस दौरान उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने का संदेश दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी तारीफ की।
चुनावी रणनीति पर होगा मंथन
बीजेपी नेताओं के मुताबिक, सोमवार को होने वाली कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए संगठन की भूमिका और जमीनी रणनीति तैयार करना है। पार्टी के जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक के प्रमुख पदाधिकारियों की मौजूदगी में चुनावी तैयारियों पर चर्चा होगी।
कार्यशाला में स्मृति ईरानी के शामिल होने से पार्टी संगठन के बीच इसका महत्व और बढ़ गया है। बीजेपी की नई टीम के सामने कार्यकर्ताओं में उत्साह बनाए रखने के साथ-साथ संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की चुनौती भी है।
हालांकि, कार्यशाला का पूरा एजेंडा अभी पार्टी की ओर से सार्वजनिक नहीं किया गया है। ऐसे में बैठक में किन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होती है और बीजेपी 2027 के चुनाव के लिए किस तरह की रणनीति तैयार करती है, इस पर सभी की नजरें रहेंगी।
उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी के लक्ष्य के साथ बीजेपी अब संगठन को चुनावी तैयारियों में पूरी तरह सक्रिय करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।



