पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व क्रिकेट कप्तान इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर क्रिकेट जगत के 21 पूर्व कप्तानों ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पत्र लिखा है। पूर्व कप्तानों ने इमरान खान को उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और उनके स्वास्थ्य की स्वतंत्र तरीके से जांच कराने की मांग की है।
क्रिकइंफो के मुताबिक, पूर्व कप्तानों ने अपने पत्र में पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश का भी जिक्र किया है, जिसमें इमरान खान को अस्पताल ले जाकर मेडिकल बोर्ड से उनकी जांच कराने की बात कही गई थी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं होने का दावा
पत्र में कहा गया है कि अदालत के निर्देश के मुताबिक गठित मेडिकल बोर्ड में इमरान खान के निजी डॉक्टरों के साथ उनकी बहन डॉ. उज़मा खान को भी शामिल किया जाना था। अदालत ने उनके परिवार के साथ साप्ताहिक मुलाकातें बहाल करने का भी निर्देश दिया था।
हालांकि, पूर्व क्रिकेट कप्तानों ने दावा किया कि इमरान खान को अस्पताल में केवल कुछ घंटों के लिए रखा गया और उनकी जांच अदालत के निर्देश के अनुसार गठित मेडिकल बोर्ड ने नहीं की।
उनके मुताबिक, सरकार की ओर से नियुक्त मेडिकल टीम ने इमरान खान की जांच की और उन्हें ‘मेडिकली फिट’ घोषित कर वापस अदियाला जेल भेज दिया।
फरवरी में भी लिखा गया था पत्र
शहबाज शरीफ को भेजा गया यह पूर्व क्रिकेट कप्तानों का दूसरा पत्र है। इससे पहले इसी साल फरवरी में 14 पूर्व कप्तानों ने इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था।
उस समय इमरान खान के परिवार ने दावा किया था कि आंख से जुड़ी समस्या के कारण उनकी एक आंख की रोशनी लगभग पूरी तरह चली गई है और जेल में उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधा नहीं मिल रही है।
पत्र लिखने वाले 21 पूर्व कप्तान कौन-कौन?
इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर पत्र लिखने वाले 21 पूर्व क्रिकेट कप्तानों में दुनिया के कई चर्चित खिलाड़ी शामिल हैं।
इनमें माइकल अथर्टन, एलेक्स ब्लैकवेल, एलन बॉर्डर, माइकल ब्रियरली, ग्रेग चैपल, इयान चैपल, बेलिंडा क्लार्क, एलिस्टर कुक, सुनील गावस्कर, ली जर्मन, एडम गिलक्रिस्ट, डेविड गॉवर, किम ह्यूजेस, नासिर हुसैन, क्लाइव लॉयड, कपिल देव, अर्जुना रणतुंगा, एंड्रयू स्ट्रॉस, दिलीप वेंगसरकर, स्टीव वॉ और जॉन राइट शामिल हैं।
इन पूर्व कप्तानों की अपील के बाद इमरान खान की जेल में स्वास्थ्य सुविधाओं और उनके इलाज को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत का ध्यान पाकिस्तान की ओर गया है।



