उत्तर प्रदेश के मेरठ में सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक रील को लेकर निलंबित की गई महिला दरोगा अनु कॉलिस अब सामने आई हैं। करीब एक सप्ताह तक सोशल मीडिया से दूर रहने के बाद अनु ने यूट्यूब पर लाइव आकर पूरे विवाद पर अपना पक्ष रखा और सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर अमित किल्होर पर गंभीर आरोप लगाए।
करीब 7 मिनट 31 सेकेंड के वीडियो में अनु कॉलिस ने वायरल वीडियो के बाद खुद पर पड़े मानसिक दबाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह पिछले पांच दिनों से अपने कमरे में बंद हैं और उनके मन में आत्महत्या के विचार आ रहे हैं।
अनु ने अमित किल्होर पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए कितनी मेहनत करनी पड़ती है, यह उन्हें पता होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने केवल व्यूज हासिल करने के लिए उनकी 25 साल की जिंदगी को बर्बाद कर दिया।
जिस ड्रेस पर हुआ विवाद, उसे पहनकर आईं लाइव
अनु कॉलिस उस ड्रेस को पहनकर ही लाइव आईं, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर विवाद हुआ था। उन्होंने कहा कि इसी ड्रेस में बनाए गए उनके वीडियो को वायरल किया गया था।
अनु के मुताबिक, यह ड्रेस उन्होंने अपनी मां के साथ मॉल से खरीदी थी और उनके लिए यह सामान्य ड्रेस है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उनके परिवार को इस ड्रेस से कोई आपत्ति नहीं है तो दूसरे लोगों को इससे परेशानी क्यों है।
उन्होंने यह भी बताया कि अमित किल्होर ने बाद में अपना वीडियो सोशल मीडिया से डिलीट कर दिया है और उनके भाई से माफी मांग रहे हैं।
अनु ने कहा कि एक लड़की की जिंदगी को मिलकर खत्म कर दिया गया और उन्होंने वीडियो वायरल करने वालों को लेकर कहा, “तुम सब हत्यारे हो।”
अमित किल्होर पर बिना अनुमति वीडियो शेयर करने का आरोप
महिला दरोगा ने आरोप लगाया कि अमित किल्होर ने उनके बारे में वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर शेयर किया और उसमें यूपी डीजीपी, मुख्यमंत्री समेत कई अधिकारियों को टैग किया।
अनु ने सवाल उठाया कि उनकी अनुमति के बिना उनका वीडियो अपने सोशल मीडिया चैनल पर क्यों शेयर किया गया। उन्होंने इसे साइबर क्राइम बताते हुए कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से उनकी मेहनत, करियर और भविष्य पर असर पड़ा है।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके खिलाफ अश्लील कंटेंट और वीडियो बनाने के आरोप लगाए गए, लेकिन वह जानना चाहती हैं कि उनके कंटेंट में आखिर अश्लील क्या था।
16 अगस्त को किया गया था सस्पेंड
सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने 16 अगस्त को अनु कॉलिस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। उन पर पुलिस आचरण नियमावली के उल्लंघन का आरोप है।
अमित किल्होर की ओर से आरोप लगाया गया था कि अनु कॉलिस क्यूआर कोड लगाकर कथित अश्लील वीडियो बनाती हैं और लाइव आती हैं तथा उन्हें फंडिंग मिलती है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने मामले की जांच शुरू की।
मामले की जांच एसपी क्राइम अवनीश कुमार कर रहे हैं। लाइव के दौरान अनु कॉलिस ने सफाई दी कि उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर दिखाई देने वाला क्यूआर कोड उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से संबंधित है। उन्होंने अपने बैंक खाते और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच कराने की भी बात कही।
कौन हैं अनु कॉलिस?
अनु कॉलिस 2003 बैच की दरोगा हैं और मूल रूप से प्रयागराज की रहने वाली हैं। वह मेरठ में रोहटा थाना और ब्रह्मपुरी थाने में तैनात रह चुकी हैं। वर्तमान में वह एसएसपी कार्यालय में तैनात थीं।
अनु ने अपने वीडियो में यह भी स्पष्ट किया कि उनका नाम अनु कॉलिस है, न कि अनु रानी। उन्होंने बताया कि वह रोमन कैथोलिक हैं।
मेरठ के चर्चित नीला ड्रम केस की आरोपी मुस्कान रस्तोगी को गिरफ्तार करने के बाद भी अनु कॉलिस चर्चा में आई थीं।
यूपी पुलिस की सोशल मीडिया पॉलिसी क्या कहती है?
उत्तर प्रदेश पुलिस में सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर नियम पहले से लागू हैं। पुलिसकर्मियों को सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट या ऐसी गतिविधियों से बचने के निर्देश दिए गए हैं, जो विभाग की छवि और आचरण नियमों के विपरीत हों।
15 मई 2026 को एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश की ओर से पुलिस विभाग के सभी विभागाध्यक्षों और कार्यालयाध्यक्षों को सोशल मीडिया पॉलिसी-2023 का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कही गई थी।
इसी बीच अनु कॉलिस के जिम और अन्य सोशल मीडिया वीडियो भी वायरल होने लगे। उन्होंने अपने जिम वीडियो को फिटनेस को बढ़ावा देने से जोड़ते हुए कहा कि उनके अकाउंट की जांच की जा सकती है और यदि किसी तरह की फंडिंग मिली हो तो उसका भी पता लगाया जाए।
फिलहाल मामले की विभागीय जांच जारी है और महिला दरोगा के आरोपों तथा सोशल मीडिया पर लगाए गए अन्य आरोपों की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी।



