नई दिल्ली: किसी देश की आर्थिक ताकत का आकलन केवल उसके पास मौजूद सोने से नहीं किया जाता। किसी देश के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी भी उसकी रिजर्व रणनीति और आर्थिक स्थिति को समझने का एक महत्वपूर्ण संकेतक होती है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के दिसंबर 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, भारत के केंद्रीय बैंक के पास करीब 880 टन सोना है।
भारत के कुल केंद्रीय बैंक रिजर्व में सोने की हिस्सेदारी करीब 17.7 फीसदी है। सोने की कुल मात्रा के मामले में भारत कई बड़े देशों से आगे है, हालांकि अमेरिका और यूरोप के प्रमुख देशों के मुकाबले भारत काफी पीछे है।
चीन से ज्यादा है भारत के रिजर्व में सोने का अनुपात
चीन के केंद्रीय बैंक के पास करीब 2,306 टन सोना है। यानी चीन के पास भारत के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा सोना मौजूद है। लेकिन चीन के कुल केंद्रीय बैंक रिजर्व में सोने की हिस्सेदारी सिर्फ 8.6 फीसदी है।
इसके मुकाबले भारत के पास 880 टन सोना है और कुल रिजर्व में इसकी हिस्सेदारी 17.7 फीसदी है। यानी मात्रा के मामले में चीन काफी आगे है, लेकिन कुल रिजर्व में सोने के अनुपात के मामले में भारत की हिस्सेदारी ज्यादा है।
जापान और स्विट्जरलैंड से भारत की तुलना
भारत के 880 टन सोने के मुकाबले जापान के पास करीब 846 टन सोना है। जापान के कुल केंद्रीय बैंक रिजर्व में सोने की हिस्सेदारी 8.7 फीसदी बताई गई है।
वहीं, स्विट्जरलैंड के पास करीब 1,040 टन सोना है और उसके कुल रिजर्व में इसकी हिस्सेदारी 13.6 फीसदी है।
ब्रिटेन के पास करीब 310 टन सोना है, लेकिन उसके कुल केंद्रीय बैंक रिजर्व में सोने की हिस्सेदारी 20.3 फीसदी है। यानी भारत के मुकाबले ब्रिटेन के पास सोने की मात्रा कम है, लेकिन रिजर्व में सोने का अनुपात ज्यादा है।
अमेरिका के पास सबसे ज्यादा सोना
आधिकारिक स्वर्ण भंडार के मामले में अमेरिका सबसे आगे है। उसके पास करीब 8,133 टन सोना है। अमेरिका के कुल केंद्रीय बैंक रिजर्व में सोने की हिस्सेदारी करीब 82.4 फीसदी है।
इसके बाद जर्मनी के पास करीब 3,350 टन, फ्रांस के पास 2,437 टन और इटली के पास 2,452 टन सोना बताया गया है।
प्रमुख देशों के पास कितना सोना?
| देश | सोना (टन) | केंद्रीय बैंक रिजर्व में हिस्सेदारी |
|---|---|---|
| अमेरिका | 8,133 | 82.4% |
| जर्मनी | 3,350 | 82.2% |
| इटली | 2,452 | 79.3% |
| फ्रांस | 2,437 | 79.9% |
| चीन | 2,306 | 8.6% |
| स्विट्जरलैंड | 1,040 | 13.6% |
| भारत | 880 | 17.7% |
| जापान | 846 | 8.7% |
| तुर्की | 614 | 54.6% |
| नीदरलैंड्स | 612 | 72.9% |
| ब्रिटेन | 310 | 20.3% |
| स्पेन | 282 | 30.8% |
| ब्राजील | 172 | 6.8% |
| दक्षिण कोरिया | 104 | 3.4% |
| इंडोनेशिया | 86 | 7.7% |
| ऑस्ट्रेलिया | 80 | 15.3% |
| कनाडा | 0 | 0% |
भारत की स्थिति क्या बताती है?
आंकड़ों से साफ है कि भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है, जिनके केंद्रीय बैंक के पास बड़ी मात्रा में सोना मौजूद है। हालांकि, कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस और इटली जैसे देशों की तुलना में काफी कम है।
इसका एक कारण यह भी है कि हर देश अपनी विदेशी मुद्रा और स्वर्ण भंडार को अलग-अलग रणनीति के तहत रखता है। इसलिए केवल सोने की मात्रा के आधार पर किसी देश की आर्थिक ताकत का आकलन करना सही नहीं होगा।



