नई दिल्ली/लखनऊ: दिल्ली के जंतर-मंतर पर जाति आधारित आरक्षण के विरोध में चल रहे प्रदर्शन के बीच आरक्षण सुधार आंदोलन से जुड़े छात्र प्रतिनिधियों ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से मुलाकात की। छात्रों ने आरक्षण व्यवस्था में बदलाव और सभी युवाओं को समान अवसर देने की मांग रखी।
इससे एक दिन पहले शुक्रवार शाम जंतर-मंतर पर सैकड़ों प्रदर्शनकारी जुटे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सकारात्मक भेदभाव की नीतियों का आधार जाति के बजाय आर्थिक स्थिति को बनाया जाना चाहिए।
ब्रजेश पाठक ने दिया केंद्रीय नेतृत्व तक बात पहुंचाने का भरोसा
छात्र प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के दौरान डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि सरकार युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुन रही है और उनके समाधान के लिए संवाद के जरिए आगे बढ़ेगी।
छात्रों की ओर से उन्हें अपनी मांगों से जुड़ा एक पत्र भी सौंपा गया। ब्रजेश पाठक ने भरोसा दिलाया कि यह पत्र बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि छात्रों की ओर से उठाए गए मुद्दों को अगले दो दिनों के भीतर केंद्रीय नेतृत्व के सामने रखा जाएगा। साथ ही, संबंधित केंद्रीय मंत्री से छात्र प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात कराने का प्रयास भी किया जाएगा।
- जयपुर के तबेले में चल रहा सरकारी स्कूल अब दूसरे घर में शिफ्ट, नए भवन तक यहीं होगी पढ़ाई
- स्कूल में बिना अनुमति प्रवेश का आरोप, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ प्रमुख अभिजीत दिपके पर FIR
- आरक्षण सुधार आंदोलन के छात्रों से मिले ब्रजेश पाठक, केंद्रीय नेतृत्व तक मांग पहुंचाने का भरोसा
- राहुल गांधी का मनुस्मृति पर बड़ा बयान, बोले- महिलाओं को दबाने की मानसिकता के खिलाफ लड़ाई
- बंगाल की खाड़ी में लौह अयस्क ले जा रहा विदेशी जहाज लापता, 24 क्रू मेंबर्स की सुरक्षा पर चिंता
‘सरकार हर युवा के साथ’
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हर्ष दुबे, मृत्युंजय पाठक और शिवा शर्मा समेत अन्य छात्र प्रतिनिधियों की मौजूदगी में ब्रजेश पाठक ने कहा कि युवाओं की समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार हर युवा के साथ है और देश व प्रदेश के युवाओं के सपनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
छात्रों ने मांगा समान अवसर
छात्र प्रतिनिधिमंडल की ओर से सौंपे गए पत्र में शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगिता में समान अवसर से जुड़े मुद्दे उठाए गए हैं। छात्रों का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में मेरिट को लेकर काफी अंतर दिखाई देता है और सभी छात्रों को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलना जरूरी है।
आंदोलनकारियों के मुताबिक उनका उद्देश्य किसी वर्ग के खिलाफ खड़ा होना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था की मांग करना है जिसमें युवाओं को समान अवसर मिल सकें। उन्होंने व्यावसायिक और उच्च शिक्षा में अवसरों की संख्या बढ़ाने तथा शिक्षा व्यवस्था में जरूरी सुधार किए जाने की भी मांग रखी है।
शांतिपूर्ण आंदोलन का दावा
आंदोलन के नेता हर्ष दुबे ने कहा कि छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखी हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मुख्य मांग देश के हर युवा को समान अवसर उपलब्ध कराने की है।
हर्ष दुबे के मुताबिक डिप्टी सीएम ने दो दिनों के भीतर केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया है। अब छात्रों की नजर इस मुलाकात और उनकी मांगों को केंद्रीय नेतृत्व के सामने रखे जाने पर है।



